तुम मिले

तुम मिले
और
वर्षों बीत गये
तेरे इन्तज़ार मे
कि शायद
कभी
किसी दिन ।।1।। 

तब तक
यादें
आती रही
भरोसा मुझे भी था
उस पल का 
कभी
किसी दिन ।।2।।

और आज
तक
तेरा चेहरा
प्रतिबिंबित था कि
तुम मिलोगे
कभी
किसी दिन ।।3।।

मिले भी
इत्तिफाक से
पर मुड़कर भी न देखा
क्या मिल सकेगी
मेरे यादो की कीमत
कभी
किसी दिन ।।4।। 

                      ***

तब से

एक तिनका
और
मेरा मन
टूट गया है
छूट गया है
जब से ।।1।।

एक स्वप्न
और
वो लम्हा
लूठ गया है
छूट गया है
जब से ।।2।।

एक दुनिया
और
प्यार
रूठ गया है
छूट गया है
जब से ।।3।।

तब से
और
आज तक
सारा जीवन
घूँट गया है
छूट गया है
जब से ।।4।।

                       ***

हमदर्द

हमदर्द तुम्हें तो इल्म नही होगा तुम्हारी खुशनसीबी पर ,
कि तुम्हारा नाम भी है हमारी बेमुरौवत जिंदगी मे ।। 1।।

वरना किसे परवाह है गैरों की इस भीड़ में , जबकि महफिलों में भीडो के जलसे निकलते है ।।2।।

अगर हो पास इतना तो ये फासला क्यों है ,
न जाने कब किसी का बिछड़ने का इरादा हो ।।3।।

तुम्हें तखलीफ होगी पर तुम्हारी कद्र करता कौन हैं ,
किसे फुर्सत यहां पर है तेरा हमदर्द बनने का ।।4।।

सहो हर दर्द अपना तुम किसी से गम को मत बाटो , तुम्हारे दर्द का हमदम तुम्हारी जिंदगी ही हैं ।।5।। ***