अबकी है मोदी सरकार

अबकी है मोदी सरकार जैसे होती धूप अकेली करती है रोशन संसार । जैसे आती है बरसाते लाती है जल अपरंपार ।।1।। फूलों में जैसे बसते है रंगों के अनगित प्रकार । और सुगंधें आ ही जाती अपनी चाहत के अनुसार ।।2 ।। वैसे ही अब नही थमेगा लहर-तुफानी हाहाकार । कितना भी कोई जोर लगा ले अबकी है मोदी सरकार ।। 3।। By-R.K.Mishra

जुगनू

जब आती है शाम सुहानी
तब आ जाता है जुगनू ।
बढ़ जाता है जब अँधियारा
दिख जाता है तब जुगनू ।।1।।

घर आँगन में फैल फैलकर
तारों सा छाता जुगनू ।
फिर बागों में सैर लगाकार
अपना मन बहलाता जुगनू ।।2।।

न जाने क्या ढूंढ ढूंढ कर
पुनः वहीं पर आता जुगनू ।
जगमग जगमग जलता क्या है
पता नही पाता हैं जुगनू ।।3।।

तितली

तितली रंग-बिरंगी होती तितली । फूलों पर मडराती तितली । पंखुड़ियां सहलाती तितली । होने लगती तनिक देर तो - रस लेकर उड़ जाती तितली ।।1।। हर मन को बहलाती तितली । बच्चों से इठलाती तितली । आंखों को मटकाती तितली । पास हमारे आकर के भी - हाथ नही आ पाती तितली । ।2।। खेतों से आ जाती तितली । गीतों को गा जाती तितली । पूरा दिन मकनाती तितली । और शाम को गायब होकर - स्वप्नों मे आ जाती तितली ।।3।।

तितली

                               10/04/14
तितली रंग-बिरंगी होती तितली ।
फूलों पर मडराती तितली ।
पंखुड़ियां सहलाती तितली ।
होने लगती तनिक देर तो -
रस लेकर उड़ जाती तितली ।।1।।

हर मन को बहलाती तितली ।
बच्चों से इठलाती तितली ।
आंखों को मटकाती तितली ।
पास हमारे आकर के भी -
हाथ नही आ पाती तितली । ।2।।

खेतों से आ जाती तितली ।
गीतों को गा जाती तितली ।
पूरा दिन मकनाती तितली ।
और शाम को गायब होकर -
स्वप्नों मे आ जाती तितली ।।3।।

रानी बिटिया

रानी बिटिया रानी बिटिया परी देश से लायी हैं इक फूल ।। खेल खेल मे हसते हसते उसे गयी है भूल ।। गिर जाता है फूल गगन का शायद किसी बहाने ।। रोती है पर सारी परियां लगती उसे मनाने ।। रंग बिरंगे फूलों की फिर करतीं हैं बरसात ।। रानी बिटिया सो जाती जब हो जाती है रात ।।

रानी बिटिया रानी बिटिया परी देश से लायी हैं इक फूल ।। खेल खेल मे हसते हसते उसे गयी है भूल ।। गिर जाता है फूल गगन का शायद किसी बहाने ।। रोती है पर सारी परियां लगती उसे मनाने ।। रंग बिरंगे फूलों की फिर करतीं हैं बरसात ।। रानी बिटिया सो जाती जब हो जाती है रात ।।

*मेरी याद*

                 *मेरी याद*

जब कभी अकेले
दिल बहलाओ
और तसल्ली
भी हो झूठी
किस्मत रूठी
जब समय हो गया हो बर्बाद ।।
तब आयेगी मेरी याद ।।1।।

                     ***

जब जीवन मे
दो राहे हो
और अकेले तुम
मारे मारे
बिना सहारे
जब आँखों में होगी बरसात ।।
तब आयेगी मेरी याद ।।2।।

                    ***

जब किसी शहर मे
हाथ उठाकार
हार गये पर
बढ़ी उमस कि
मिली न टैक्सी
जब गम दे जायें अपनी बात ।।
तब आयेगी मेरी याद ।।3।।

                    ***

जब कभी रात गवाओ
नींद न आये
तन्हाई में
बस आहट में
या करवट मे
जब पहुचे दिल मे आघात
तब आयेगी मेरी याद ।।4।।

                    ***

अपनी राहे
तय कर लो तुम
पड़ेगा तुमको
जीवन जीना
बस दौड़ लगाना
जब सिर्फ अकेले न कि साथ ।।
तब आयेगी मेरी याद ।।5।।

                     ***