तुम्हें मालुम नही है

          ।।  तुम्हें मालुम नही है ।।

आज फिर
तुम आये
इन आँखों मे
जिन आँखों का 
दर्द 
तुम्हें 
मालुम नही है ।।1।। 


प्यासी थी
तॄप्त हो गयी
तुम मुस्कुराये
किसी के लिये भी
राहत मिली दिल को
तुम्हें 
मालुम नही है ।। 2।। 


अनजाने मे
तेरा चेहरा
बस गया हो
दिल मे किसी के
दिल की खुशी
तुम्हें 
मालुम नही है ।। 3।। 


बिछड़ तो गये
कितने
और तुम भी
बात रह गयी
अनकही
तुम्हें 
मालुम नही है ।। 4।। 

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