एक दिन


                               एक दिन

एक दिन
मेरी साँसों के शब्द
व्यथित कर देंगे
इंद्रधनुषी भावों को
कुछ पल

एक दिन
झूठी बन जायेंगी
आशाये
या पुष्पित हो जायेगी आँखे
कुछ पल

एक दिन
मिट जायेगी दूरी
छा जयेगी
खामोशियाँ
कुछ पल

                     राम केश मिश्र

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