तितली

                               10/04/14
तितली रंग-बिरंगी होती तितली ।
फूलों पर मडराती तितली ।
पंखुड़ियां सहलाती तितली ।
होने लगती तनिक देर तो -
रस लेकर उड़ जाती तितली ।।1।।

हर मन को बहलाती तितली ।
बच्चों से इठलाती तितली ।
आंखों को मटकाती तितली ।
पास हमारे आकर के भी -
हाथ नही आ पाती तितली । ।2।।

खेतों से आ जाती तितली ।
गीतों को गा जाती तितली ।
पूरा दिन मकनाती तितली ।
और शाम को गायब होकर -
स्वप्नों मे आ जाती तितली ।।3।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें