रानी बिटिया

रानी बिटिया रानी बिटिया परी देश से लायी हैं इक फूल ।। खेल खेल मे हसते हसते उसे गयी है भूल ।। गिर जाता है फूल गगन का शायद किसी बहाने ।। रोती है पर सारी परियां लगती उसे मनाने ।। रंग बिरंगे फूलों की फिर करतीं हैं बरसात ।। रानी बिटिया सो जाती जब हो जाती है रात ।।